नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के सरकारी बॉन्ड निवेश पर लगने वाले कैपिटल गेन टैक्स को समाप्त करने का फैसला किया है। माना जा रहा है कि इस कदम से भारतीय बॉन्ड बाजार विदेशी निवेशकों के लिए और अधिक आकर्षक बनेगा तथा देश में विदेशी पूंजी का प्रवाह बढ़ेगा।
रुपये को मजबूती देने की कोशिश
पिछले कुछ समय से विदेशी निवेशकों की ओर से भारतीय बाजारों में निवेश घटने से रुपये पर दबाव देखा गया है। ऐसे में सरकार विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए लगातार कदम उठा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि टैक्स में यह राहत विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ाने और बाजार में नई पूंजी लाने में मददगार साबित हो सकती है।
ब्याज आय पर टैक्स में भी मिल सकती है छूट
सरकार विदेशी निवेशकों को और अधिक आकर्षित करने के लिए सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाली ब्याज आय पर लगने वाले टैक्स में भी राहत देने पर विचार कर रही है। यदि ऐसा होता है तो निवेशकों को बेहतर रिटर्न मिलेगा और भारतीय डेट मार्केट की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत होगी।
बॉन्ड बाजार को मिलेगा नया प्रोत्साहन
विशेषज्ञों के अनुसार, इस फैसले से भारतीय सरकारी बॉन्ड बाजार में विदेशी निवेश बढ़ने की संभावना है। वैश्विक निवेशकों की भागीदारी बढ़ने से बाजार की गहराई और स्थिरता दोनों में सुधार हो सकता है। हालांकि इसका पूरा असर आने वाले समय में धीरे-धीरे देखने को मिल सकता है।